SAIL Board Decision 2026: मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च का लीज नवीनीकरण सिर्फ ₹1 में, हाउस लीज का 10%, व्यापारियों का 25%
SAIL Board Decision 2026 Lease Renewal of Temple Mosque Gurudwara Church now for Just 1rs

SAIL Board Decision 2026: मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च का लीज नवीनीकरण सिर्फ ₹1 में, हाउस लीज का 10%, व्यापारियों का 25%

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हाउस लीज के लिए 10 प्रतिशत शुल्क तय किया गया है। दुकानदारों से कुल जमीन का 25 प्रतिशत नवीनीकरण शुल्क लिया जाएगा। स्टील प्लांट उपकरण

भिलाई। भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) बोर्ड की 532वीं बैठक को लेकर दावा किया गया है कि लीज नवीनीकरण पर फैसला हो गया है। भिलाई सहित सेल के विभिन्न स्टील प्लांटों की टाउनशिप में संचालित सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और व्यापारिक संस्थाओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। करीब 14 वर्षों से लंबित लीज नवीनीकरण की समस्या के समाधान की दिशा में सेल को अपनी पुरानी नीति वापस लेनी पड़ी है और नई नीति लागू की जाएगी। अब तक सेल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है। सर्कुलर जारी होने के बाद ही स्थिति और साफ हो सकेगी।
धार्मिक संस्थाओं, चैरिटेबल संस्थाओं के लिए 1 रुपए टोकन मनी तय किया गया है। इसी तरह अन्य के लिए कुल जमीन का 10 प्रतिशत लिया जाएगा। हाउस लीज के लिए 10 प्रतिशत शुल्क तय किया गया है। दुकानदारों से कुल जमीन का 25 प्रतिशत नवीनीकरण शुल्क लिया जाएगा। ब्याज 18 प्रतिशत की जगह 9 प्रतिशत ही लिया जाएगा।
भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन को सेल बोर्ड के फैसले की जानकारी लगी। आनन-फानन में ये मामला सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय के संज्ञान में लाया गया। यही वजह थी कि तत्काल एक प्रेस कांफ्रेंस की गई, जहां पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय, सांसद विजय बघेल ने विस्तार से जानकारी साझा की।
नई नीति के तहत सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के भवनों का पंजीयन एवं लीज नवीनीकरण मात्र एक रुपये टोकन राशि में किया जाएगा। वहीं चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम से संचालित संस्थाओं को भी एक रुपये में नियमित करने का प्रावधान किया गया है।

पुरानी नीति खत्म, ब्याज का बोझ भी होगा समाप्त चैंबर के अनुसार नई नीति का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पुरानी नीति समाप्त होने के साथ ही वर्षों से लंबित मामलों पर लगने वाला भारी ब्याज स्वतः समाप्त हो जाएगा। इससे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं को लाखों रुपये की राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि नई नीति में टाउनशिप की दुकानों के लिए 25 प्रतिशत प्रीमियम राशि का प्रावधान रखा गया है। चैंबर का कहना है कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार के सहयोग से राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय प्रबंधन को मिली जिम्मेदारी नई नीति के क्रियान्वयन के लिए स्थानीय प्रबंधन को अधिकृत किया गया है। संबंधित संस्थाओं को भुगतान और औपचारिकताएं पूरी करने के लिए एक से दो वर्ष का समय दिया जाएगा। नीति में मौजूद छोटी-मोटी विसंगतियों और व्यावहारिक समस्याओं को अधिकारियों के साथ चर्चा कर दूर करने की भी व्यवस्था की गई है। इसके लिए सीजीएम स्तर के तीन अधिकारियों को अधिकृत किया जाएगा, जो मामलों की समीक्षा कर अंतिम स्वीकृति के लिए फाइलें सेल मुख्यालय को भेजेंगे।सेल ट्रांसफर लिस्ट

इंडियन कॉफी हाउस में हुआ स्वागत भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा इंडियन कॉफी हाउस में सांसद विजय बघेल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान उपस्थित सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लंबे समय से चली आ रही गंभीर समस्या के समाधान पर संतोष व्यक्त किया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी के सहयोग से मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों सहित अनेक संस्थाओं को राहत मिली है।
चैंबर ने जताया आभार चैंबर अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने सांसद विजय बघेल, प्रेम प्रकाश पांडेय, केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी तथा सेल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नई नीति 50 प्रतिशत संतोषजनक है, जबकि शेष मुद्दों पर अभी और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन से अनुरोध किया कि नीति के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए तथा छोटी-मोटी खामियों को दूर करने में चैंबर का सहयोग लिया जाए।धातु और खनन

उन्होंने कहा कि इससे लंबे समय से रुका हुआ राजस्व भी भिलाई इस्पात संयंत्र को प्राप्त हो सकेगा और सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को मानसिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक परेशानियों से राहत मिलेगी।
इस अवसर पर रामकुमार गुप्ता, दिनेश सिंघल, सुरेश रतनानी, पीयूष जैन, श्रीनिवास खेड़िया, ज्ञानचंद बाकलीवाल, अजय कनोजे, करमजीत गगन, अजय दीक्षित, रामकिशन मुंदड़ा सहित शहर के अनेक प्रतिष्ठित व्यापारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे भिलाई की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के लिए ऐतिहासिक राहत बताया।



