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पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य से 4 घंटे हुई पूछताछ, बहुत जल्द पुलिस कर सकती है कई नए खुलासे

भिलाई। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से गुरुवार दोपहर भिलाई थाने में करीब चार घंटे पूछताछ की गई। बंद कमरे में CSP छावनी हरीश पाटिल और भिलाई 3 थाना प्रभारी निरीक्षक महेश ध्रुव ने सवाल पूछे और उसके बाद पुलिस ने चैतन्य का मोबाइल जब्त कर उन्हें थाने से जाने दिया।

चैतन्य बघेल ने थाने से निकलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्हें बयान देने के लिए पुलिस ने बुधवार रात 8 बजे नोटिस दिया था, वही दर्ज कराने के लिए आए थे। सवाल क्या पूछे गए? इस पर चैतन्य बघेलने कहा कि मामला विवेचना में है। चैतन्य से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक पूछताछ की गई। वहीं चैतन्य के थाने पहुंचने के बाद भूपेश के OSD रहे मनीष बंछोर, चरोदा मेयर निर्मल कोसरे सहित भूपेश बघेल के करीबी थाने पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि पूरा मामला पूर्व सीएम भूपेश बघेल की सुपुत्री से जुड़ा है। चैतन्य से पूछताछ के दौरान पुलिस ने 20 सवाल पूछे थे। इनमें से कुछ के जवाब चैतन्य ने दिए और बाकी का जवाब देने से इनकार कर दिया। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने चैतन्य और प्रोफेसर मामले में उनके संबंध? क्या आरोपी आपके दोस्त हैं? उन्हें कैसे जानते हैं? आरोपियों से क्या बातचीत हुई है?, जैसे सवाल पूछे गए हैं।

वहीं भिलाई-3 चरोदा के मेयर निर्मल कोसरे ने कहा कि, चैतन्य से क्या पूछताछ की गई है, वो तो पुलिस ही बताएगी। चैतन्य को बुलाया गया था, बयान देने के लिए। फिर सुबह वह स्वत: ही आए और पुलिस पूछताछ में सहयोग किया। उनके सवालों का जवाब दिया। चैतन्य बघेल से खूबचंद बघेल महाविद्यालय भिलाई-3 के सहायक प्रोफेसर विनोद शर्मा पर हुए जानलेवा हमले मामले में पूछताछ की गई है। बताया जा रहा है कि घायल प्रोफेसर रायपुर AIIMS में भर्ती हैं।

यह भी बात सामने आई है कि पुलिस ने प्रोफेसर मारपीट मामले में दो आरोपियों रोहन उपाध्याय को मुंबई और रोहित पांडेय को रीवा जेल से रिमांड पर लिया है। उनसे हुई पूछताछ के बाद ही चैतन्य को बुलाया गया था।

CSP हरीश पाटिल ने बताया कि, इस केस में चैतन्य बघेल की संलिप्तता, आरोपियों की फरारी में उनकी भूमिका और तकनीकी जांच के लिए उनके मोबाइल को जब्त करने के लिए बुलाया गया था। प्राथमिक तौर पर उनका बयान लिया गया है। जब्त मोबाइल को FSL के पास जांच के लिए भेजा जाएगा।

सीएसपी श्री पाटिल ने बताया कि आरोपियों से उनके संबंधों को लेकर सवाल पूछे गए हैं। अभी तक इस केस में 5 आरोपियों को हम गिरफ्तार कर चुके हैं। प्रमुख 3 आरोपी अभी भी फरार हैं। आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर चैतन्य को बुलाया गया था। आरोपी प्रवीण शर्मा चैतन्य के करीबियों में आते था।

बता दें कि घटना 19 जुलाई 2024 की है। इस दिन भिलाई के ग्रीन वेली में रहने वाले 57 साल के सहायक प्रोफेसर विनोद शर्मा​​​​​ कहीं जा रहे थे। इस दौरान 2 बाइक में सवार 6 आरोपियों ने उन्हें रास्ते में रोककर पहले गाली गलौज की, फिर लाठी डंडों से उन्हें जमकर पीटा। प्रोफेसर में गंभीर रूप से घायल हो गए और कई जगह फ्रैक्चर आए।

प्रोफेसर पर हमले की घटना के बाद भिलाई पुलिस ने 6 में से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 3 अब भी फरार हैं। पुलिस सीसीटीवी और मोबाइल टॉवर लोकेशन के आधार पर रीवा (मध्यप्रदेश) से 19 अगस्त को प्रिंस उर्फ प्रसून पांडेय, अमन उर्फ उत्कर्ष द्विवेदी और करण पाठक को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के बयान के आधार पर खुलासा हुआ कि प्रोफेसर पर हमला भिलाई-चरोदा निगम के ठेकेदार प्रोबीर कुमार शर्मा ने करवाया था। इसके चलते थाना भिलाई-3 पुलिस ने प्रोबीर समेत अन्य साथियों द्वारा आपराधिक षडयंत्र रचने के कारण धारा 61 (2) बीएनएस जोड़ी है। मुख्य आरोपी प्रोबीर शर्मा की गिरफ्तारी के बाद प्रोफेसर पर हमले के कारण का खुलासा हो सकेगा।

ज्ञात हो कि अधिवक्ता अशोक शर्मा ने आवेदन मे विधान सभा अध्यक्ष से भिलाई 3 मे घटित घटना कालेज लेक्चरर विनोद शर्मा पर हुए प्राणघातक हमले मे पकडे गये| आरोपियो का और इनाम रखे फरार आरोपियों का नार्को टेस्ट और वैज्ञानिक परीक्षण कराने की बात कही। इस जांच से आरोपियो के ना केवल मास्टर माइंड का पता चलेगा| बल्कि वह बहुत जल्द पुलिस की गिरफ्त मे भी होगा।

Shahin Khan

Editor, acn24x7.com

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