कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

जगदलपुर।छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने एक प्रेस वार्ता में मतदाता सूची, निर्वाचन प्रक्रिया और राजनीतिक आरोपों से जुड़े मुद्दों पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं चरण दास महंत और पूर्व विधायक गुलाब सिंह कमरो के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उनके अनुसार, जब एक विधायक का नाम सूची से हट सकता है, तो आदिवासी और आम नागरिकों के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान चलाएगी। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने बताया कि भरतपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब सिंह कमरो का नाम मतदाता सूची से हट गया था। उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बीएलओ ने उन्हें सूचित किया कि उनका नाम सूची में नहीं है और बाद में ज्ञात हुआ कि नाम किसी अन्य गांव में स्थानांतरित कर दिया गया है। महंत ने कहा कि यदि एक विधायक के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम नागरिकों पर इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है, यह समझा जा सकता है।
सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने विभिन्न स्थानों पर मतदाता सूची में नाम हटने से संबंधित शिकायतें उठाई हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग द्वारा जांच न करने से संदेह पैदा होता है।
पायलट ने यह भी कहा कि जब निर्वाचन आयोग से सवाल पूछे जाते हैं तो जवाब भाजपा के प्रवक्ता देते हैं, और इसे उन्होंने आयोग की निष्पक्षता से जुड़े सवालों का कारण बताया।पायलट ने केंद्र सरकार से पिछले 11 वर्षों में भारत से बाहर भेजे गए घुसपैठियों के आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले हर नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और घुसपैठियों को मतदान नहीं करना चाहिए।

उन्होंने विभिन्न राज्यों में बीएलओ के दबाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ मामलों में आत्महत्या जैसी घटनाएँ सामने आई हैं, जिस कारण कांग्रेस ने मतदाता सूची से संबंधित जागरूकता अभियान शुरू किया है।



