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खरोरा में डकैती की घटना को अंजाम देने वाले 15 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी रायपुर के खरोरा थाना क्षेत्र में 27_28 मार्च की रात हुई डकैती की घटना को अंजाम देने वाले 15 आरोपियों को रायपुर एसीसीयू की टीम ने गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। गांव के प्रतिद्वंदी द्वारा प्रार्थी के घर में हण्डा के माध्यम से 40 करोड़ रूपये और 16 किलो सोना मिलने और रखें होने की सूचना क्रमिक रूप से आरोपियों तक पहुंचाई गई थी। इस पूरे घटना का मास्टर माइंड है प्रार्थी के गांव का ही आरोपी देवराज डहरिया है। पुलिस प्रकरण में कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपियों के कब्जे से डकैती की सोने-चांदी के जेवरात, नगदी रकम तथा घटना में प्रयुक्त हथियार, मोटर सायकल एच एफ डीलक्स क्र. सी जी/04/एल एल/3019, स्वीफ्ट वाहन क्रमांक सी जी 07 एम बी 1490, टाटा हेक्सा वाहन क्रमांक सी जी 04 एम बी 0777, वेगन आर कार क्रमांक सी जी 28 एल 9996 तथा 15 नग मोबाईल फोन सहित कुल 20 लाख रुपए का मशरूका बरामद कर लिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह ने पत्रकार वार्ता में डकैती के मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस मामले में 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है कुछ आरोपी फरार बताया जा रहे हैं जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उम्मेद सिंह एवं पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज रायपुर अमरेश मिश्रा की विशेष अपील – झरन/चापन/गड़ा हुआ धन जैसे अंधविश्वास के फेर में न रहें। इस प्रकार के अंधविश्वास की यह रेंज में 6वीं आपराधिक घटना है। यदि लोगों को इस संबंध में कोई भी सूचना प्राप्त होती है, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।

प्रार्थी राधेलाल भारद्वाज ने थाना खरोरा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह ग्राम केवराडीह थाना खरोरा जिला रायपुर स्थित अपने मकान में सपरिवार रहता है तथा खेती किसानी के साथ ही कंस्ट्रक्शन का भी काम करता है। दिनांक 27.03.2025 की रात्रि प्रार्थी, उसकी पत्नी, मां, पुत्र, पुत्री, बहू एवं बहू की छोटी बहन सभी मकान के अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। प्रार्थी जिस कमरे में सोया था उस कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। इसी दौरान रात्रि लगभग 02.05 बजे 07 अज्ञात नकाबपोश व्यक्ति हाथ में तलवारनुमा हथियार एवं बटननुमा चाकू लेकर प्रार्थी के मकान में प्रवेश कर उसके कमरे में जाकर प्रार्थी को उठाये तब वह देखा तो अलग – अलग 03 व्यक्ति अपने हाथ में तलवारनुमा हथियार, बटननुमा चाकू एवं पिस्टलनुमा हथियार रखें थे तथा 04 व्यक्ति कमरे के दरवाजा के सामने परछी मंे हाथ में तलवारनुमा हथियार लेकर खडे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति प्रार्थी केे कनपटी पर पिस्टल टिका कर बोला जितना पैसा, सोना-चांदी है जल्दी दे दो, शोर मत करना नहीं तो गोली मार दूंगा एवं दो व्यक्ति उसके उपर तलवारनुमा हथियार को ताने खडे थे और जल्दी से पैसा, सोना चांदी निकालो कहकर उनमें से एक व्यक्ति तलवारनुमा हथियार से प्रार्थी पर वार किया तो उसके द्वारा अपने हाथ से रोकने पर उसके दायें हाथ के पंजा का उपर भाग में कट कर चोट लगा। नकाबपोश व्यक्ति प्रार्थी की पत्नी को भी सोते से उठाकर उस पर हथियार तान कर कमरे में रखें आलमारी व पेटी का चाबी प्रार्थी की पत्नि से लेकर आलमारी व पेटी को खोलकर उसमें रखंे सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी रकम को लूट लिये तथा प्रार्थी के दोनों पैर को रस्सी से बांधकर दूसरे कमरे की तलाशी लिये और शोर मचाओगे तो मार देंगे कहकर मकान के पीछे दरवाजा से भाग गये, कि प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात नकाबपोश आरोपियों के विरूद्ध थाना खरोरा में अपराध क्रमांक 182/25 धारा 310(2), 331(6) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

डकैती की घटना को पुलिस महानिरीक्षक महोदय रायपुर रेंज, रायपुर श्री अमरेश मिश्रा तथा पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा गम्भीरता से लेते अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री कीर्तन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संदीप मित्तल, उप पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संजय सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली श्री केशरी नंदन नायक, प्रभारी निरीक्षक परेश कुमार पाण्डेय एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट, थाना प्रभारी खरोरा निरीक्षक दीपक पासवान तथा थाना प्रभारी तिल्दा नेवरा श्री सत्येन्द्र सिंह श्याम को अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया। जिस पर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा स्वयं घटना का स्थल का निरीक्षण कर क्राईम ब्रांच एवं थाना खरोरा पुलिस की 10 विशेष टीमों का गठन किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण करने के उपरांत प्रार्थी, उसकी पत्नि एवं परिवार के अन्य सदस्यों से घटना के संबंध में तकनीकी रूप से विस्तृत पूछताछ करने के साथ तत्काल थानों एवं सरहदी जिलों में नाकेबंदी लगायी गयी, डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक टीम एव क्राईम ब्रांच की टेक्निकल टीम को साक्ष्य जुटाने हेतु लगाया गया। साथ ही आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर कथन लेखबद्ध किया गया। क्राईम ब्रांच की टेक्निकल टीम द्वारा घटना स्थल के आसपास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का बारिकी से अवलोकन करने के साथ ही प्रकरण में मुखबीर भी लगाये गये। तकनीकी विश्लेषणों सहित अन्य माध्यमों से अज्ञात आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे थे। इसी दौरान टीम के सदस्यों को तिल्दा नेवरा निवासी जितेन्द्र पाठक के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा जितेन्द्र पाठक की पतासाजी कर पूछताछ करने पर उसके द्वारा किसी भी प्रकार से अपराध में अपनी संलिप्तता नहीं होना बताकर टीम के सदस्यों को लगातार गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा था, कि प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर जितेन्द्र पाठक द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर डकैती की उक्त घटना को अंजाम देना बताया गया। जिस पर क्राईम ब्रांच की अलग – अलग टीम के सदस्यों द्वारा मुंगेली, कबीरधाम, बलौदा बाजार, महासमुंद एवं रायपुर से प्रकरण में संलिप्त आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ रेड कार्यवाही करते हुये पूछताछ के आधार पर प्रकरण में कुल 15 आरोपियों को पकड़ा गया। पूरे घटना का मास्टर माइंड आरोपी देवराज डहरिया निवासी ग्राम केवराडीह थाना खरोरा है। आरोपी देवराज डहरिया का पूर्व में प्रार्थी राधेलाल भारद्वाज के घर आना – जाना था एवं प्रार्थी के पास जे.सी.बी., हार्वेस्टर एवं ट्रेक्टर वाहन है जिसमें वह कंस्ट्रकशन सहित अन्य कार्यो को संचालित कर कमायी करता है, जिससे प्रभावित होकर आरोपी देवराज डहरिया ने भी जे.सी.बी. मशीन/वाहन फायनेंस के माध्यम से क्रय कर लिया। जिससे आरोपी एवं प्रार्थी के मध्य व्यवसायिक मनमुटाव हो गया तथा दोनों एक-दूसरे से बात करना बंद कर दिसे। आरोपी देवराज डहरिया द्वारा प्रार्थी के उन्नति को देखकर जलन की भावना व द्वेष रखता था प्रार्थी के घर डकैती करने की योजना बना डाली। आरोपी देवराज डहरिया से ईश्वर रामटेके एवं सोना बारमते उर्फ सोनू से संपर्क कर उन्हें बताया कि राधेलाल भारद्वाज अपने घर में 40 करोड़ रूपये नगदी एवं 16 किलो सोना रखा है, चापन (घर में सोये हुये लोगों को तंात्रिक पूजा पाठ के माध्यम से गहरी नींद में बेसुध करना) के माध्यम से पैसा एवं सोना को प्राप्त करना है, जिस हेतु बैगा एवं अन्य व्यक्तियों की आवश्यकता होगी। जिस पर ईश्वर रामटेके द्वारा अलख निरंजन, सप्तऋषि एवं जितेन्द्र पाठक को उक्त जानकारी दिया, कि जितेन्द्र पाठक किशन वर्मा, तिलक वर्मा एवं रूपेश साहू को उक्त जानकारी दिया तो रूपेश साहू द्वारा छत्रपाल उर्फ राजू को बताने पर छत्रपाल उर्फ राजू द्वारा पिंकू राजपूत, सूरज सेन, गज्जू चंद्रवंशी, साहिल खान, प्रकाश मिश्रा को बताया। सभी योजना के अनुसार दिनांक घटना को खरोरा में एकत्रित होकर एक साथ मिले तथा घटना क्रम को अंजाम देने हेतु 03 चारपहिया वाहन एवं 01 मोटर सायकल के माध्यम से प्रार्थी के मकान पास पहुंचे तथा अपने साथ चाकू, तलवार एवं डण्डा रखें थे। योजना के अनुसार प्रार्थी के मकान में गज्जू चंद्रवंशी, किशव वर्मा, छत्रपाल राजपूत, देवराज डहरिया, सूरज सेन, प्रकाश मिश्रा एवं 01 अन्य आरोपी के मकान अंदर प्रवेश किये एवं शेष आरोपी प्रार्थी के मकान के पीछे, सामने गेट एवं खेत की ओर रेकी कर रहे थे। इस प्रकार आरोपियों द्वारा डकैती की पूरी घटना क्रम को अंजाम दिया गया था। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से डकैती की सोने-चांदी के जेवरात, नगदी रकम तथा घटना में प्रयुक्त हथियार, मोटर सायकल एच एफ डीलक्स क्र. सी जी/04/एल एल/3019, स्वीफ्ट वाहन क्रमांक सी जी 07 एम बी 1490, टाटा हेक्सा वाहन क्रमांक सी जी 04 एम बी 0777, वेगन आर कार क्रमांक सी जी 28 एल 9996 तथा 15 नग मोबाईल फोन जुमला कीमती लगभग 20 लाख रूपये जप्त किया गया है। प्रकरण में संलिप्त 03 आरोपी फरार है, जिनकी पतासाजी कर गिरफ्तार करने के हर संभव प्रयास किये जा रहे है।

Shahin Khan

Editor, acn24x7.com

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